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Thursday, October 1, 2015




अहिंसा के  पुजारी को शत शत नमन.


यह तस्वीर सन २०१३ की है जब मैं अमरीका गई थी। यह गांधी जी की मोम से बनी मूर्ति है जो कि न्यूयॉर्क के टुसाद म्यूजियम में रखी है । तस्वीर खिंचाते वक्त जब मैंने गांधी जी की लाठी को पकड़ा तब मैंने कुछ अजीब सा महसूस किया. समझ नहीं आया पर यह अहसास जरूर हुआ कि इसमें कुछ प्रेरणा तो है. मन में प्रश्न उठा लोग क्यों और किस कदर इस महात्मा के पीछे चल पड़े थे जो लाठी हाथ में लिए पूरे देश का दौरा कर रहा था और इसका जवाब भी मुझे मिल गया था. अहिंसा के इस पुजारी को शत शत नमन.

2 comments:

beena said...

गांधी जी हम सभी के दिल में समाये हुए हैं|वह बच्चों के ही नहीं हम बड़ों के भी बापू हैं | सादर नमन

beena said...

गांधी जी हम सभी के दिल में समाये हुए हैं|वह बच्चों के ही नहीं हम बड़ों के भी बापू हैं | सादर नमन